बापू तेरे सपनों का भारत
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देश है आजाद ,देशवासी गुलाम है ,
नेताओं के हाथ में , भारत की लगाम है,
अपनों से ही मतलब इनको,
औरो से भला क्या काम है ?
अबला नारियों से कर रहे हैं सब शरारत ।
बापू ! ये है ,
तेरे सपनों का भारत ।।
अहिंसा मिट गई हिंसा की ज्वाला में ,
सत्य हार गया घोटाला ही घोटाला में ,
अत्याचारियों के हौसले है बुलंद ,
बाकी का जीना है कसाला में ,
इमानदारी लगती है हर जगह नदारद ।
बापू ! ये है ,
तेरे सपनों का भारत ।।
कल्पना थी तेरी राम राज्य बनाने की ,
तैयारियां चल रही है यहाँ ,
रावण को फिर बुलाने की ,
कोशिश है राम न आ जाए कहीं ,
इससे पहले सीता को उठाने की ,
हर सीता सोंच रही है ,
ये कैसी है कयामत ?
बापू ! ये है ,
तेरे सपनों का भारत ।।
यहाँ अपनों में ही होती है लड़ाई ,
तूने पराये को भी कहना सिखाया था भाई ,
जाति-धर्म के नाम पर बंट गए ,
तेरे हिंदू-मुस्लिम, सिख -इसाई ,
तो क्यों न गिरेगी, भारत -रुपी इमारत ।
बापू ! ये है ,
तेरे सपनों का भारत ।।
आज है जरुरत भारत को तेरी ,
कब आएगा तू बोल दे तो सही,
ऐसा ध हो कि तुझे आने में हो विलंब,
तब तक लूट न जाए भारत की आबरू न कहीं ,
अब तेरे ही हाथों है ,
भारत की इज्ज़त सलामत ।
बापू ! ये कैसा है ,
तेरे सपनों का भारत ??
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देश है आजाद ,देशवासी गुलाम है ,
नेताओं के हाथ में , भारत की लगाम है,
अपनों से ही मतलब इनको,
औरो से भला क्या काम है ?
अबला नारियों से कर रहे हैं सब शरारत ।
बापू ! ये है ,
तेरे सपनों का भारत ।।
अहिंसा मिट गई हिंसा की ज्वाला में ,
सत्य हार गया घोटाला ही घोटाला में ,
अत्याचारियों के हौसले है बुलंद ,
बाकी का जीना है कसाला में ,
इमानदारी लगती है हर जगह नदारद ।
बापू ! ये है ,
तेरे सपनों का भारत ।।
कल्पना थी तेरी राम राज्य बनाने की ,
तैयारियां चल रही है यहाँ ,
रावण को फिर बुलाने की ,
कोशिश है राम न आ जाए कहीं ,
इससे पहले सीता को उठाने की ,
हर सीता सोंच रही है ,
ये कैसी है कयामत ?
बापू ! ये है ,
तेरे सपनों का भारत ।।
यहाँ अपनों में ही होती है लड़ाई ,
तूने पराये को भी कहना सिखाया था भाई ,
जाति-धर्म के नाम पर बंट गए ,
तेरे हिंदू-मुस्लिम, सिख -इसाई ,
तो क्यों न गिरेगी, भारत -रुपी इमारत ।
बापू ! ये है ,
तेरे सपनों का भारत ।।
आज है जरुरत भारत को तेरी ,
कब आएगा तू बोल दे तो सही,
ऐसा ध हो कि तुझे आने में हो विलंब,
तब तक लूट न जाए भारत की आबरू न कहीं ,
अब तेरे ही हाथों है ,
भारत की इज्ज़त सलामत ।
बापू ! ये कैसा है ,
तेरे सपनों का भारत ??
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