मयखाने आया हूँ मैं
................................
दर्द सीने में छुपाकर हँसी होंठो पे लाया हूँ मैं ,
झूठी तसल्ली दे ,आँखों को समझाया हूँ मैं ।
दिल लगाने से पहले दर्द का आभास न था ,
टूटे दिल लिए हाथों पे प्यार से सहलाया हूँ मैं ।
दिल भी अब बाजारु असबाब बन गई है यारो ,
बड़ी मुश्किल से यह सच्चाई आज कह पाया हूँ मैं ।
दौलत से तौला है 'मुकेश' की मुहब्बत को उसने,
साकी तेरे मयखाने यह फरियाद सुनाने आया हू ।
यूं तो मयपरस्ती की आदत अपनी कभी रही नहीं ,
गम भुलाने के लिए आज मयखाने आया हूँ मैं ।।
........ ........... ......... ..........
................................
दर्द सीने में छुपाकर हँसी होंठो पे लाया हूँ मैं ,
झूठी तसल्ली दे ,आँखों को समझाया हूँ मैं ।
दिल लगाने से पहले दर्द का आभास न था ,
टूटे दिल लिए हाथों पे प्यार से सहलाया हूँ मैं ।
दिल भी अब बाजारु असबाब बन गई है यारो ,
बड़ी मुश्किल से यह सच्चाई आज कह पाया हूँ मैं ।
दौलत से तौला है 'मुकेश' की मुहब्बत को उसने,
साकी तेरे मयखाने यह फरियाद सुनाने आया हू ।
यूं तो मयपरस्ती की आदत अपनी कभी रही नहीं ,
गम भुलाने के लिए आज मयखाने आया हूँ मैं ।।
........ ........... ......... ..........
Comments
Post a Comment